पिपरिया फायरिंग मामला: पुलिस ने किया बड़े गैंग का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार; जेल से रची गई थी रंगदारी की साजिश

नर्मदापुरम। पिपरिया में व्यापारी की दुकान पर हुई अंधाधुंध फायरिंग के सनसनीखेज मामले में नर्मदापुरम पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक डॉ. साई कृष्णा एस. थोटा के निर्देशन में गठित विशेष टीमों ने अलग-अलग जिलों में दबिश देकर घटना में शामिल मुख्य शूटर सहित तीन आरोपियों को धर दबोचा है। इस पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड बड़वानी जेल में बंद एक शातिर अपराधी निकला, जिसने जेल के अंदर से ही पिपरिया के व्यापारियों को डराने और रंगदारी वसूलने की साजिश रची थी।
दुकान पर की थी ताबड़तोड़ फायरिंग
घटना के अनुसार, बदमाशों ने पहले एक दुकान की तरफ पिस्टल से फायर किया था, जो मिसफायर हो गया। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। जब फरियादी इस मामले की रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा, तभी दो अन्य बदमाशों ने उसकी दुकान पर दोबारा तीन राउंड फायरिंग कर दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना पिपरिया में अपराध क्रमांक 226/26, धारा 308(5) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।
एसपी के नेतृत्व में गठित टीमों ने दी दबिश
मामले को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. साई कृष्णा एस. थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन एवं एसडीओपी मोहित कुमार यादव पिपरिया के मार्गदर्शन में पुलिस टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने रायसेन, देहगांव, भोपाल, नर्मदापुरम, सोहागपुर और पचमढ़ी जैसे कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अब तक तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
- जीतू उर्फ जितेंद्र राजपूत (उम्र 40 वर्ष) – गैंग का मुख्य सरगना और शूटर।
- आमिर खान पिता चमन खान (निवासी रायसेन) – कुख्यात चोर, जो पहचान बदलकर छुपा हुआ था।
- साहिद खान उर्फ भूरा कबाड़ी (निवासी नर्मदापुरम) – जिसने वारदात में इस्तेमाल हथियार सप्लाई किया था।
घटना में प्रयुक्त अंग्रेजी पिस्टल को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। मामले में चार अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें रवाना की गई हैं।
जेल से जुड़ा है साजिश का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में इस पूरे मामले का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। घटना की योजना बनाने वाला मुख्य बदमाश रज्जू पुर्बिया पहले से ही बड़वानी जेल में बंद है, जिसे इस प्रकरण में सह-आरोपी बनाया गया है।
- ऐसे तैयार हुई गैंग: गिरफ्तार आरोपी आमिर खान ने खुलासा किया कि जब वह और जीतू ठाकुर अशोकनगर जेल में बंद थे (जहां वे वर्ष 2016 के एक मर्डर केस में आजीवन कारावास काट रहे थे), तब उनकी मुलाकात रज्जू पुर्बिया से हुई थी। रज्जू के साथ नर्मदापुरम जेल में करण पुर्बिया और अंकित पुर्बिया भी सोहागपुर के एक अन्य मर्डर केस (अपराध क्र. 229/2021) में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे।
- रंगदारी की योजना: रज्जू पुर्बिया से मुलाकात के लिए जीतू ठाकुर लगातार जेल जाता था। रज्जू ने जीतू ठाकुर को एक नई गैंग तैयार कर पिपरिया के व्यापारियों को चमकाने और रंगदारी वसूलने का जिम्मा सौंपा था। बात न मानने पर व्यापारियों की दुकानों पर फायरिंग करने के निर्देश दिए गए थे।
- ₹40 हजार में खरीदी थी पिस्टल: योजना के मुताबिक, जीतू ठाकुर ने नर्मदापुरम के साहिद खान उर्फ भूरा कबाड़ी से 40 हजार रुपये में वह अंग्रेजी पिस्टल खरीदी थी, जिससे पिपरिया में फायरिंग की गई।
दबिश के दौरान 21 साल से फरार इनामी बदमाश भी दबोचा
इस कार्रवाई के दौरान पिपरिया पुलिस के हाथ एक और बड़ी कामयाबी लगी। पुलिस ने दबिश के दौरान वर्ष 2005 से फरार चल रहे एक और स्थाई वारंटी बीरू उर्फ वीरेंद्र राजपूत (पिता रमेश राजपूत, उम्र 28 साल, निवासी नर्मदापुरम) को भी गिरफ्तार किया है। बीरू पिछले कई सालों से 04 स्थाई वारंटों में फरार चल रहा था और वह इस मामले के मुख्य आरोपी जीतू ठाकुर का सगा भाई भी है।
फिलहाल पुलिस फरार शेष चार आरोपियों की तलाश में जुटी है और दावा है कि उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
नर्मदा गौरव न्यूज़ मध्य प्रदेश
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