नर्मदापुरम जिले में ‘बैतूल वाले’ मास्टरमाइंड का आतंक: शासन के राजस्व पर करोड़ों की सेंध!

बड़ी हेडलाइन: 25 लाख की शराब पकड़ी गई, पर असली ‘किंगपिन’ अब भी पुलिस की पहुंच से दूर!

मुख्य बिंदु

  • बैतूल कनेक्शन का खुलासा: पिछले 75 दिनों में नर्मदापुरम में जितने भी अवैध शराब के जत्थे पकड़े गए, उनकी जांच की सुई सीधे बैतूल जिले की ओर इशारा कर रही है। तस्करों ने पूछताछ में कबूला है कि माल की सप्लाई बैतूल से हो रही है।
  • 25 लाख का बड़ा प्रहार: हाल ही में सिवनी मालवा में पुलिस ने एक ट्रक को घेराबंदी कर पकड़ा, जिसमें करीब 25 लाख रुपये की अवैध शराब भरी थी। यह इस बात का सबूत है कि तस्करी अब छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि बड़े सिंडिकेट के रूप में तब्दील हो चुकी है।
  • राजस्व को भारी चपत: इस अवैध तस्करी के कारण सरकारी खजाने (राजस्व) को हर महीने करोड़ों रुपये का घाटा हो रहा है। यह सीधे तौर पर शासन की व्यवस्था को चुनौती है।
  • दोहरी मार- ‘ओवररेट’ का खेल: एक तरफ तस्करी का माल खपाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ नर्मदापुरम जिले के शराब ठेकेदार आम जनता की जेब पर डाका डाल रहे हैं। शराब निर्धारित रेट (MRP) से कहीं ज्यादा ऊंचे दामों पर बेची जा रही है।
  • कौन है वो ‘मास्टरमाइंड’? पुलिस की तहकीकात में यह साफ़ हो गया है कि बैतूल में बैठकर कोई ‘सफेदपोश’ या बड़ा माफिया इस पूरे साम्राज्य को ऑपरेट कर रहा है। सवाल यह है कि आखिर वो मास्टरमाइंड कौन है जिसके इशारे पर नर्मदापुरम की सीमाओं में बेखौफ शराब पहुंच रही है?

पुलिस और प्रशासन का रुख:

पुलिस विभाग के आला अधिकारियों का कहना है कि तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर बैतूल के ठिकानों पर दबिश की तैयारी है। इस ‘काले साम्राज्य’ की जड़ें खोदने के लिए पुलिस अब नेटवर्क की गहराई तक जाने की योजना बना रही है।

“हम केवल प्यादों को नहीं, बल्कि शतरंज के उस खिलाड़ी को पकड़ना चाहते हैं जो बैतूल से बैठकर यह अवैध खेल खेल रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।” – (संभावित पुलिस बयान)

निष्कर्ष:
अब देखना यह है कि नर्मदापुरम पुलिस बैतूल के उस ‘बिगर प्लेयर’ तक कब तक पहुंच पाती है, जो शासन के राजस्व पर सेंध लगाकर अपना काला खजाना भर रहा है।

रिपोर्ट नर्मदा गौरव न्यूज़ नर्मदापुरम मध्य प्रदेश

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