बड़ी ख़बर: सुकतावा चौराहे पर भड़का आदिवासी युवाओं का आक्रोश, वन विभाग SDO अनिल विश्वकर्मा का फूंका पुतला

  • पिछले दो महीनों से सुलग रही थी गुस्से की चिंगारी
  • आदिवासी युवा के साथ बेरहमी से मारपीट का है आरोप
  • प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आदिवासी कार्यकर्ताओं में तीखी तनातनी, माहौल गरमाया
    सुकतावा (नर्मदापुरम):
    क्षेत्र में पिछले दो महीनों से गहराता जा रहा आक्रोश आज सड़कों पर फूट पड़ा। वन विभाग के सुकतावा चौराहा पर बड़ी संख्या में एकत्रित हुए आदिवासी युवाओं ने वन विभाग के एसडीओ (SDO) अनिल विश्वकर्मा के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला फूंका। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा में तैनात पुलिस बल के बीच भारी तनातनी और तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

क्या है पूरा मामला?

मिली जानकारी के अनुसार, मामला करीब दो महीने पुराना है। आरोप है कि वन विभाग के SDO अनिल विश्वकर्मा ने एक आदिवासी युवक के साथ बेहद बेरहमी और बर्बरतापूर्वक मारपीट की थी। इस घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार और संपूर्ण आदिवासी समाज में प्रशासनिक रवैये को लेकर भारी आक्रोश था।
आदिवासी कार्यकर्ताओं का कहना है कि दो महीने बीत जाने के बाद भी दोषी अधिकारी पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे तंग आकर आज युवाओं को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पुतला दहन के दौरान पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता

आज जैसे ही आदिवासी युवा और कार्यकर्ता SDO अनिल विश्वकर्मा का पुतला लेकर सुकतावा चौराहे पर पहुंचे, वहां पहले से मुस्तैद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। देखते ही देखते माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पुलिस और आदिवासी कार्यकर्ताओं के बीच पुतले को छीनने को लेकर जमकर झूमाझटकी और तनातनी हुई। हालांकि, भारी विरोध के बीच आक्रोशित युवा SDO का पुतला फूंकने में कामयाब रहे।

“हम न्याय की भीख नहीं, अपना अधिकार मांग रहे हैं। एक बेकसूर आदिवासी युवा को बेरहमी से पीटा गया और दो महीने से प्रशासन मौन बैठा है। जब तक SDO अनिल विश्वकर्मा पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं है।”
प्रदर्शन में शामिल एक प्रमुख आदिवासी युवा नेता

क्षेत्र में तनाव बरकरार

इस उग्र प्रदर्शन के बाद से ही क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। आदिवासी संगठनों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही दोषी SDO के खिलाफ निलंबन और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की गई, तो आगामी दिनों में पूरे जिले में चक्काजाम और उग्र आंदोलन किया जाएगा।
इस पूरे मामले पर फिलहाल वन विभाग के आला अधिकारियों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।
ब्यूरो रिपोर्ट: नर्मदा गौरव न्यूज़
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