न्याय के दो स्तंभों के बीच टकराव या सोची-समझी साजिश? कोतवाली पुलिसकर्मी पर लगे आरोपों के पीछे का सच क्या?

नर्मदापुरम। न्यायपालिका और कार्यपालिका—ये समाज के वो दो मजबूत स्तंभ हैं जिनसे आम नागरिक को सुरक्षा और न्याय की उम्मीद होती है। लेकिन जब इन स्तंभों के बीच तालमेल की जगह टकराव की स्थिति पैदा की जाए, तो सवाल उठना लाजमी है। हाल ही में कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहाँ अपनी ड्यूटी निभाने गए एक ईमानदार पुलिसकर्मी पुष्पेंद्र सिंह भदोरिया को षड्यंत्र के तहत फंसाने की कोशिश की जा रही है।
घटनाक्रम: जिम्मेदारी या मारपीट?
सूत्रों के अनुसार, मामला एक फरार आरोपी (जो एक युवती को लेकर भागा है) के घर पूछताछ से जुड़ा है। पुलिसकर्मी पूरी ईमानदारी के साथ केवल अपनी जिम्मेदारी निभाने और बयान दर्ज कराने की सूचना देने आरोपी के घर पहुँचा था। वहाँ मौजूद लोगों को थाने आकर सहयोग करने की बात कही जा रही थी, लेकिन तभी इस सामान्य पूछताछ को एक विवाद का रूप दे दिया गया।
वकील बनाम पुलिस: क्या वीडियो क्लिप में पूरी सच्चाई है?
आरोप है कि वहाँ मौजूद एक वकील ने इस सामान्य बातचीत को ‘मारपीट’ का नाम दे दिया और एक छोटी सी वीडियो क्लिप बनाकर पुलिसकर्मी को धमकाना शुरू कर दिया। 10 वकीलों की टीम ने जिस तरह से इस मामले में हस्तक्षेप किया, वह कई गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या न्याय के रखवाले ही प्रशासन के कामकाज में रोड़ा अटका रहे हैं?
चश्मदीदों के बयान खोलेंगे राज
हालांकि, साज़िश की इस दीवार में दरार तब पड़ी जब मौके पर मौजूद कुछ चश्मदीद गवाहों ने सच्चाई बयां की। सूत्रों की मानें तो इन गवाहों ने स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मी की ओर से कोई अभद्रता या मारपीट नहीं हुई थी। अब यह मामला पूरी तरह से इन चश्मदीदों की गवाही पर टिका है, जो आगे चलकर सच और झूठ का पर्दाफाश करेंगे।
नर्मदा गौरव न्यूज़ की विशेष टिप्पणी
पुलिस और वकील दोनों का पद सम्मानजनक है। वकीलों को यह समझना होगा कि वे न्यायपालिका का हिस्सा हैं, न कि पद का उपयोग करके किसी साफ-सुथरी छवि वाले प्रशासनिक व्यक्ति को धूमिल करने का जरिया। जब रक्षक ही एक-दूसरे के खिलाफ साज़िश रचेंगे, तो आम नागरिक का भरोसा किस पर रहेगा?
अब देखना यह है कि प्रशासन और न्यायपालिका इस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाकर असली दोषी को बेनकाब करते हैं या एक ईमानदार कर्मचारी इस राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।
रिपोर्ट नर्मदा गौरव न्यूज़ नर्मदा पुरम मध्य प्रदेश
नर्मदापुरम पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’: शराब माफियाओं की तोड़ी कमर, प्रदेश में बना मिसाल
नर्मदापुरम पुलिस के लिए ‘नो हेलमेट, नो राइड’: SP साई कृष्णा थोटा का सख्त आदेश, नियम तोड़ने वाले पुलिसकर्मियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
संसदीय गरिमा: विधायक डॉ. सीताशरण शर्मा के ‘टू द पॉइंट’ संबोधन के कायल हुए मुख्यमंत्री, सदन में दी मिसाल
अयोध्या-मुंबई अमृत भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ: इटारसी में दिखा भारी उत्साह, जनसंवाद में उमड़ा जनसैलाब
राजनीति नहीं, जनसेवा का संकल्प: छात्र राजनीति से ‘वार्ड-वार्ड चलो’ अभियान तक मयूर जायसवाल का दो दशकों का सफर
1 लाख में बिका बचपन: खिलौना समझकर बदलते रहे हाथ, एमपी में इंसानियत को शर्मसार करने वाले ‘सफेदपोश’ बेनकाब।”
जिले में महिलाओं के विरुद्ध बढ़ते अपराधों पर कांग्रेस ने एसपी को सौंपा ज्ञापन
