नर्मदापुरम में बीजेपी को एक और झटका: क्या ज़मीन खो रही है भाजपा? 20 साल पुराने निष्ठावानों का भी पार्टी से मोहभंग!

💥 नर्मदा गौरव न्यूज़ 💥

✍️ विशेष राजनीतिक विश्लेषण: नर्मदापुरम जिले में कांग्रेस का कुनबा मजबूत, क्या 2023-24 के बाद बदल रहे हैं स्थानीय समीकरण?

इटारसी/नर्मदापुरम (नर्मदा गौरव न्यूज़)। नर्मदापुरम जिले की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के गढ़ माने जाने वाले इस क्षेत्र में अब पार्टी अपने ही निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सहेज कर रखने में असहज नजर आ रही है। पिछले कुछ महीनों के घटनाक्रम पर नजर डालें तो बीजेपी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता पार्टी का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थाम चुके हैं।

इस सिलसिले में ताज़ा झटका इटारसी में लगा, जहाँ ग्राम नागपुर कलां के शैलेंद्र चौरे (शेरु) और उनके पूरे परिवार ने बीजेपी से अपना 20 साल पुराना नाता तोड़ दिया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत ‘गुड्डन’ पांडेय की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।

बड़ा सवाल: क्या अपने ही कार्यकर्ताओं को संतुष्ट नहीं कर पा रही भाजपा?

बीजेपी से 20 वर्षों तक जुड़े रहे शैलेंद्र चौरे के अचानक कांग्रेस में शामिल होने के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। राजनीतिक गलियारों में यह सवाल तेजी से उठ रहा है:

  • क्या बीजेपी में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की जनसुनवाई नहीं हो रही है?
  • क्या स्थानीय समस्याओं (विशेषकर किसानों से जुड़े मुद्दों) की अनदेखी की जा रही है?

शैलेंद्र चौरे के अनुसार, वे और उनके क्षेत्र के नागरिक जिला अध्यक्ष शिवाकांत ‘गुड्डन’ पांडेय की कार्यशैली और कांग्रेस की जनहितैषी, किसान-हितैषी नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में आए हैं।

🔄 सिवनी मालवा से लेकर इटारसी तक: कांग्रेस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जिले में बीजेपी को ऐसा झटका लगा हो।

  • 3 महीने पहले का घटनाक्रम: सिवनी मालवा से कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी अजय बलराम के नेतृत्व में भी बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली थी।
  • लगातार सेंधमारी: सिवनी मालवा से शुरू हुआ यह सिलसिला अब इटारसी और ग्रामीण इलाकों तक पहुँच गया है, जहाँ एक-एक करके बीजेपी के पुराने और प्रभावशाली परिवार कांग्रेस से जुड़ रहे हैं।

📈 जिले में मजबूत होती कांग्रेस की पकड़

लगातार हो रहे इस दल-बदल से साफ संकेत मिल रहे हैं कि नर्मदापुरम जिले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष शिवाकांत ‘गुड्डन’ पांडेय और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस अपनी ज़मीनी पकड़ को बेहद मजबूत कर रही है। ग्रामीण इलाकों में किसानों और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष को भुनाने में कांग्रेस पूरी तरह सफल दिख रही है।

नर्मदा गौरव विचार: “20-20 सालों से बीजेपी का झंडा उठाने वाले परिवारों का यूं अचानक कांग्रेस की ओर रुख करना महज संयोग नहीं है। यह इशारा करता है कि ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नाराजगी गहरी है, जिसका सीधा फायदा कांग्रेस को अपनी जड़ें मजबूत करने में मिल रहा है।”

(रिपोर्ट: नर्मदा गौरव न्यूज़ नेटवर्क)

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