विधायक एसडीओपी के बंगले में गोबर भरवा देंगे वही कांग्रेस पहुंची फूलों का गुलदस्ता लेकर एसडीओपी के पास !

करैरा। मध्य प्रदेश की पिछोर विधानसभा इन दिनों सियासी अखाड़ा बनी हुई है। लेकिन इस बार मुकाबला विकास कार्यों को लेकर नहीं, बल्कि ‘मर्यादा बनाम विवाद’ के बीच छिड़ा है। एक तरफ जहाँ भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के तीखे और विवादित बोलों ने प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा रखी है, वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर ‘गांधीगिरी’ दिखाते हुए मोर्चा संभाल लिया है।
विधायक की ‘गोबर’ वाली धमकी और गरमाता माहौल
हाल ही में करैरा विधायक प्रीतम सिंह लोधी का एक बयान सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैला, जिसमें उन्होंने एसडीओपी (SDOP) आयुष जाखड़ के खिलाफ बेहद तल्ख टिप्पणी की थी। विधायक ने खुले मंच से यहाँ तक कह दिया कि वे “एसडीओपी के बंगले में गोबर भरवा देंगे।” इस बयान के बाद से न केवल पुलिस महकमे में नाराजगी है, बल्कि आम जनता के बीच भी जनप्रतिनिधि की भाषा को लेकर नई बहस छिड़ गई है।
कांग्रेस का ‘सम्मान’ से पलटवार
विधायक लोधी के इस ‘गोबर’ वाले बयान के ठीक उलट, आज कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओपी कार्यालय पहुँचकर माहौल को पूरी तरह बदल दिया।

नेतृत्व: शहर कांग्रेस अध्यक्ष पवन तिवारी, सौरभ सिकरवार और विकास के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने एसडीओपी श्री आयुष जाखड़ से मुलाकात की।
उद्देश्य: कांग्रेस नेताओं ने एसडीओपी को पुष्पगुच्छ भेंट कर उन्हें बधाई दी और सम्मानित किया।
राजनीतिक मायने: क्या है संदेश?
कांग्रेस का यह कदम महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि प्रीतम सिंह लोधी के व्यवहार पर एक बड़ा राजनीतिक कटाक्ष माना जा रहा है।
जब सत्ता पक्ष के विधायक अधिकारियों को अपमानित करने की बात कर रहे हैं, तब कांग्रेस ने अधिकारियों का सम्मान कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ और प्रशासनिक व्यवस्था के साथ खड़े हैं।”
जनता की नजर में
करैरा की जनता अब इस ‘बयानबाजी’ और ‘सम्मान’ की राजनीति को बारीकी से देख रही है। जहाँ भाजपा विधायक अपने आक्रामक अंदाज के लिए चर्चा में हैं, वहीं कांग्रेस इस मौके को भुनाते हुए खुद को एक सभ्य और व्यवस्था का सम्मान करने वाली पार्टी के रूप में पेश कर रही है।
अब देखना यह होगा कि विधायक लोधी इस ‘सम्मान वाली राजनीति’ पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। लेकिन फिलहाल, करैरा में ‘गोबर बनाम गुलाब’ की यह जंग चर्चा का विषय बनी हुई है।
ब्यूरो रिपोर्ट, करैरा।
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