6.76 लाख के गबन में धुरपन के पूर्व सरपंच को 5 साल की कठोर कैद, कोर्ट ने भेजा जेल

इटारसी / नर्मदापुरम। ग्राम पंचायत धुरपन के पूर्व सरपंच रमेश लोखंडे (55 वर्ष) को सरकारी विकास राशि के गबन के मामले में अदालत ने दोषी करार देते हुए 5 साल के सश्रम कारावास और ₹2,000 के जुर्माने की सजा सुनाई है। इटारसी के तृतीय अपर जिला न्यायालय के पीठासीन अधिकारी आदित्य रावत की अदालत ने यह बड़ा फैसला सुनाया। जुर्माना न भरने पर आरोपी को 3 महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
मामला क्या है?
ग्राम पंचायत धुरपन में विभिन्न विकास कार्यों के लिए आवंटित की गई सरकारी राशि में से 6.76 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा किया गया था। जिला पंचायत नर्मदापुरम के निर्देश पर जनपद पंचायत केसला द्वारा पथरौटा थाने में इस फर्जीवाड़े की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। जांच के बाद मामला न्यायालय पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद आरोप सही पाए गए।
पंचायत सचिव को पहले ही मिल चुकी है 10 साल की सजा
- सह-आरोपी भी दोषी: इस मामले में शामिल तत्कालीन पंचायत सचिव नीलेश महतो को अदालत पूर्व में ही 10 साल की सजा सुना चुकी है।
- जेल की अवधि होगी कम: पूर्व सरपंच रमेश लोखंडे बीते 1 साल से जेल में बंद हैं, जिसे उनकी कुल 5 साल की सजा की अवधि में समायोजित (Adjust) किया जाएगा।
कोर्ट में मजबूत पैरवी से मिला न्याय
मामले में शासन की ओर से सीनियर एजीपी राजीव शुक्ला ने मजबूती से पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष 11 गवाह और पुख्ता दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी माना। फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद आरोपी को जिला जेल नर्मदापुरम भेज दिया गया है।
विशेष रिपोर्ट नर्मदा गौरव न्यूज़ मध्य प्रदेश
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