नर्मदापुरम में ‘गैस’ की आग: ₹900 का सिलेंडर ₹4000 में! कलेक्ट्रेट की दहलीज पर छात्रों ने फूंका चूल्हा, प्रशासन के फूले हाथ-पांव
☆☆नर्मदा गौरव न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट☆☆

नर्मदापुरम ७ अप्रैल, २०२६नर्मदापुरम में रसोई गैस की भारी किल्लत और खुलेआम हो रही कालाबाजारी ने अब उग्र रूप ले लिया है। सोमवार रात शहर में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में छात्र और कार्यकर्ता अपना विरोध दर्ज कराने के लिए कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर ही खाना बनाने पहुंच गए
₹900 की टंकी ₹4000 में!छात्रों का सीधा आरोप है कि शहर में गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा की गई है। मप्र आदिवासी विकास परिषद के छात्र विंग ने प्रशासन को घेरते हुए कहा कि जिस सिलेंडर की आधिकारिक कीमत करीब ₹900 है, उसे ब्लैक मार्केट में ₹3500 से ₹4000 के बीच बेचा जा रहा है।
रात 9 बजे शुरू हुआ ‘सड़क पर रसोई’ प्रदर्शनदिन में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र रात करीब 9 बजे कलेक्ट्रेट के सामने डट गए।
●अनोखा विरोध: छात्रों ने सड़क पर ही खाना बनाना शुरू कर दिया, जो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया।
●प्रशासनिक पहल: स्थिति बिगड़ती देख तहसीलदार सरिता मालवीय और शक्ति तोमर मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाइश दी।
●प्रस्ताव ठुकराया: प्रशासन ने प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए ‘दीनदयाल रसोई’ से भोजन की व्यवस्था करने की पेशकश की, जिसे छात्रों ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें मुफ्त का खाना नहीं, बल्कि वाजिब दाम पर गैस चाहिए।
नेताओं ने संभाली कमानइससे पहले दिन में एडवोकेट राजू उइके और नीरज वारिवा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। छात्रों का कहना है कि जब तक कालाबाजारी पर लगाम नहीं लगती और आपूर्ति सामान्य नहीं होती, उनका विरोध अलग-अलग तरीकों से जारी रहेगा

