ब्रेकिंग न्यूज़: सावधान नर्मदापुरम! आपके मोबाइल पर आ सकता है ‘यमराज’ का कॉल, ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर खाली किए जा रहे बैंक खाते

नर्मदापुरम | अगर आपके मोबाइल पर अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए और सामने वर्दीधारी पुलिस अफसर दिखे, तो सावधान हो जाइए! यह कोई असली पुलिस नहीं, बल्कि आपके खून-पसीने की कमाई पर डाका डालने वाला ‘डिजिटल डकैत’ हो सकता है। नर्मदापुरम संभाग समेत पूरे मध्य प्रदेश में ‘डिजिटल अरेस्ट’ का खौफनाक खेल शुरू हो चुका है।

क्या है ये ‘डिजिटल अरेस्ट’ का नया पैंतरा?

ठग खुद को CBI, क्राइम ब्रांच या बड़े पुलिस अधिकारी बताकर आपको कॉल करते हैं। वे बड़े रौब से कहते हैं— “आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल ड्रग्स तस्करी या मनी लॉन्ड्रिंग में हुआ है, आप पुलिस की निगरानी में हैं।” इसके बाद वे आपको स्काइप या व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल कस्टडी’ में ले लेते हैं। यानी आपको फोन काटने या किसी से बात करने की इजाजत नहीं दी जाती।

नर्मदा गौरव न्यूज़ का खुलासा: कैसे बुना जाता है मौत का जाल?

​ *वर्दी का खौफ: ठग बकायदा पुलिस की वर्दी पहनकर और पीछे पुलिस स्टेशन जैसा बैकग्राउंड बनाकर बात करते हैं ताकि आप यकीन कर लें।

डर का बिजनेस: गिरफ्तारी और बदनामी का डर दिखाकर ‘मामला रफा-दफा’ करने के नाम पर लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते हैं

नर्मदापुरम साइबर सेल का अलर्ट: जिले के साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि कोई भी असली एजेंसी फोन पर गिरफ्तारी या पैसों की मांग नहीं करती।

अगर आए ऐसा कॉल, तो तुरंत करें ये काम:

​घबराएं नहीं: सबसे पहले फोन काट दें। असली पुलिस कभी भी व्हाट्सएप पर ‘अरेस्ट’ नहीं करती।

​पैसे न भेजें: किसी भी धमकी के दबाव में आकर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन न करें।​

यहाँ करें शिकायत: तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या नजदीकी थाने को सूचना दें

​नर्मदा गौरव न्यूज़ की अपील: इस खबर को अपने व्हाट्सएप ग्रुप और स्टेटस पर जरूर लगाएं। आपकी एक सतर्कता किसी की जिंदगी भर की कमाई बचा सकती है!

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