इटारसी में जल संकट पर गरमाई राजनीति: वार्ड वार्ड चलो’ से लेकर ‘चक्का जाम’ तक, कांग्रेस के आक्रामक रुख से बैकफुट पर भाजपा!

ढाई महीने से जनता बेहाल, नगर पालिका की विफलताओं ने आगामी चुनाव से पहले सत्ता परिवर्तन के दिए संकेत; मयूर जायसवाल और कांग्रेस टीम का मैदानी मोर्चा

इटारसी। आगामी स्थानीय चुनावों से पहले इटारसी की सियासत में जबरदस्त उबाल आ गया है। शहर में बीते ढाई महीनों से गहराया जल संकट अब एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। जनता बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है और पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ देने के कारण लोग निजी टैंकरों के भरोसे रहने को मजबूर हैं। इसी जन-आक्रोश को लेकर मंगलवार को कांग्रेस द्वारा किया गया चक्का जाम और नगर पालिका का घेराव यह साफ दर्शाता है कि शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।

‘ वार्ड वार्ड चलो चलो’ अभियान और मूंग खरीदी से लेकर पानी तक: कांग्रेस फ्रंट फुट पर

कांग्रेस नेता मयूर जायसवाल और उनकी पूरी टीम पिछले काफी समय से लगातार मैदानी स्तर पर सक्रिय है। ‘बांट-बांट चलो’ अभियान से लेकर मूंग खरीदी के मुद्दे पर किसानों की आवाज उठाना, और अब पिछले ढाई महीनों से नगर पालिका की विफलता के बीच निजी टैंकरों के जरिए शहर के वार्डों में पानी की सप्लाई सुनिश्चित करना—इन तमाम गतिविधियों ने कांग्रेस को जनता के बीच बेहद मजबूत स्थिति में खड़ा कर दिया है।

बैकफुट पर भाजपा, नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह फेल

पानी जैसी बुनियादी और बेहद संवेदनशील जरूरत को पूरा करने में भी जब नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह नाकाम साबित हुआ, तो इसने सत्ताधारी दल भाजपा को रक्षात्मक (बैकफुट) मुद्रा में ला दिया है। पिछले साल की नगर परिषद के कार्यकाल और उसकी कार्यप्रणाली पर अब जनता के बीच सीधे सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है: “जिस तरह से कांग्रेस ने जल संकट जैसे गंभीर और सीधे जनता से जुड़े मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है और मयूर जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं, उसने स्थानीय सत्ता के समीकरण बदल दिए हैं। अगर प्रशासन ने 7 दिनों के भीतर नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं की, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।”

आगामी चुनाव में बड़े फेरबदल के आसार

इस 4 साल के कार्यकाल में नगर परिषद की विफलता और जन समस्याओं के प्रति उदासीनता ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में इटारसी नगर पालिका की सत्ता में एक बहुत बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। जनता की बुनियादी जरूरतों की अनदेखी का खामियाजा आने वाले समय में मौजूदा सत्तापक्ष को भुगतना पड़ सकता है, क्योंकि कांग्रेस इस समय जनता की मजबूत आवाज बनकर सीधे मैदान में डटी हुई है।

माखननगर में युगप्रधान आचार्य 108 समय सागर महाराज का भव्य आगमन: श्रुत गोयल को मिला आहार चर्या का ऐतिहासिक सौभाग्य

नर्मदापुरम के लाल का बढ़ा मान: डॉ. प्रशांत जैन बने मुख्य नगर पालिका अधिकारी; गृह नगर में जश्न का माहौल!

इटारसी: बीजेपी पार्षद जिमी कैथवास पर चाकू से हमला; क्या अपराधियों के साम्राज्य पर अब चलेगा ‘बुलडोजर’?

नर्मदापुरम में हैवानियत: मात्र ₹1500 के लिए युवक को सरेराह अर्धनग्न कर डंडों से पीटा; पुलिस ने निकाला बदमाशों का जुलूस

मुखबिर की सूचना पर स्टेशन रोड थाना पुलिस की कार्रवाई, आरोपी महिला से स्मैक के स्रोत को लेकर पूछताछ जारी।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *