बड़ी खबर: MP में प्राइवेट छात्र अब नहीं पढ़ पाएंगे प्रैक्टिकल वाले विषय, उच्च शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

नर्मदापुरम/इटारसी: मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) स्तर की पढ़ाई को लेकर एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत अब प्रदेश के किसी भी कॉलेज में प्राइवेट (स्वाध्यायी) परीक्षार्थी के रूप में उन विषयों की पढ़ाई पूरी तरह बंद कर दी गई है जिनमें प्रैक्टिकल (प्रायोगिक कार्य) अनिवार्य होता है।
क्या है मुख्य बदलाव?
प्रैक्टिकल विषयों पर रोक: अब छात्र फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी और अन्य विज्ञान संकाय के विषयों की पढ़ाई प्राइवेट छात्र के तौर पर नहीं कर सकेंगे।
नियमित छात्र होना अनिवार्य: इन विषयों में डिग्री हासिल करने के लिए अब छात्रों को अनिवार्य रूप से ‘रेगुलर’ छात्र के रूप में कॉलेज में प्रवेश लेना होगा।
इन विषयों में मिलेगी राहत: आर्ट्स (कला) और कॉमर्स (वाणिज्य) के वे विषय जिनमें प्रैक्टिकल नहीं होता—जैसे इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र—उनमें प्राइवेट फॉर्म भरने की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी।
”प्रैक्टिकल के बिना इन विषयों की पढ़ाई अधूरी है और इससे डिग्री की प्रमाणिकता पर सवाल उठते हैं। छात्रों को आवश्यक कौशल प्रदान करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।” > — शिक्षा विभाग का आधिकारिक मत
B.Ed एडमिशन: पोर्टल से ‘नर्मदापुरम’ जिला गायब, छात्र परेशान
इसी बीच कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया में एक तकनीकी खामी भी सामने आई है। B.Ed में एडमिशन लेने के इच्छुक छात्र जब ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर रहे हैं, तो उन्हें नर्मदापुरम जिले का नाम ही दिखाई नहीं दे रहा है। जिला पोर्टल पर उपलब्ध न होने के कारण छात्र एडमिशन की प्रक्रिया शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
इस मामले में लीड कॉलेज की नोडल अधिकारी संगीता अहिरवार ने कहा है कि समस्या फिलहाल संज्ञान में नहीं आई है, लेकिन यदि ऐसा है तो इसे जल्द ही दिखवाकर दुरुस्त किया जाएगा।
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