मुफ्त पढ़ाई पर ‘महंगाई’ का डाका! आरटीई की 150 सीटें खाली, जेब पर भारी पड़ रहे प्राइवेट स्कूल

नर्मदा गौरव न्यूज़ | नर्मदापुरम

मुफ्त पढ़ाई के दावों की खुली पोल! सरकार आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत मुफ्त एडमिशन तो दे रही है, लेकिन निजी स्कूलों के ‘अतिरिक्त खर्चे’ गरीब परिवारों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। यही वजह है कि नर्मदापुरम जिले में आरटीई के तहत होने वाले एडमिशन में 150 सीटें खाली पड़ी हैं। पेरेंट्स अब इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं।

क्यों फीका पड़ा ‘मुफ्त’ का आकर्षण?

  • सिर्फ ट्यूशन फीस माफ: आरटीई के तहत प्राइवेट स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस माफ करते हैं।
  • अतिरिक्त खर्चों का बोझ: महंगी किताबें, खास ड्रेस कोड (यूनिफॉर्म-शूज), दूर के स्कूलों के लिए ऑटो/वैन का भारी किराया और एक्टिविटी फीस का बोझ पेरेंट्स को खुद उठाना पड़ रहा है, जो उनके बजट से बाहर है।

तीसरा चरण: 8 जुलाई तक आखिरी मौका

दो बार में भी सीटें फुल न होने के कारण राज्य शिक्षा केंद्र ने अब तीसरी बार मौका दिया है। एपीसी विनोद क्रिकेट्टा के अनुसार:

  • आवेदक 3 जुलाई से 8 जुलाई 2026 तक स्कूलों की चॉइस अपडेट कर सकेंगे।
  • नए आवेदन नहीं लिए जाएंगे और न ही दोबारा वेरिफिकेशन होगा।
  • सीटों के लिए ऑनलाइन लॉटरी 10 जुलाई 2026 को निकाली जाएगी।

नर्मदा गौरव विशेष नोट: अगर आप भी अपने बच्चे की स्कूल चॉइस अपडेट करना चाहते हैं, तो आरटीई मोबाइल ऐप या पोर्टल के माध्यम से 8 जुलाई तक प्रक्रिया पूरी कर लें!

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