भोपाल नगर निगम के कर्मचारी जोखिम पर, लेकिन सुरक्षा कवर में अंधेरा

निगमभोपाल, 28 मार्च 2026: आग बुझाने, बिजली की खराबी ठीक करने और जान जोखिम में डालकर काम करने वाले भोपाल नगर निगम के हजारों कर्मचारी आज भी बिना किसी स्वास्थ्य बीमा या मेडिकल सुविधा के काम कर रहे हैं। छोटी-मोटी दुर्घटना या गंभीर बीमारी में इन कर्मचारियों को अपना इलाज खुद चंदा जुटाकर करवाना पड़ रहा है।निगमभभोपाल में करीब 12 हजार से अधिक कर्मचारी विभिन्न जोखिम भरे विभागों में तैनात हैं। फायर ब्रिगेड, इलेक्ट्रीशियन, अतिक्रमण हटाने वाली टीम और अन्य फील्ड स्टाफ अक्सर ऐसी स्थितियों में काम करते हैं जहाँ उनकी जान को खतरा बना रहता है। लेकिन जब खुद इन कर्मचारियों पर कोई हादसा होता है तो निगम की तरफ से न कोई तत्काल मदद, न बीमा क्लेम और न ही इलाज की कोई गारंटी मिलती है।सूत्रों के अनुसार, निगम के लगभग 3000 कर्मचारी अभी भी बिना किसी मेडिकल इंश्योरेंस के काम कर रहे हैं। हाल ही में भदभदा क्षेत्र में ट्रांसफार्मर स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक कर्मचारी अरुण चावरी के पैर में गंभीर चोट लग गई। इलाज का खर्च उठाने के लिए उनके साथी कर्मचारियों को चंदा इकट्ठा करना पड़ा।कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि तीन महीने पहले बीमा पॉलिसी के फॉर्म भरवाए गए थे, लेकिन अब तक फाइल आगे नहीं बढ़ पाई है। निगम कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष मुफ्तीर मोहम्मद ने कहा, “कर्मचारी दिन-रात जान की बाजी लगाकर काम करते हैं, लेकिन जब उनकी खुद की तबीयत बिगड़ती है तो उन्हें सहारा नहीं मिलता। यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।”निगम आयुक्त ने कर्मचारियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बजट संबंधी जानकारी मांगी है। आयुक्त का कहना है कि कर्मचारियों को बीमा कवर और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे।कर्मचारी संगठन अब इस मुद्दे पर लगातार फॉलो-अप कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जल्द ही इस लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान निकलेगा।

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